# चोला मंडल हाउसिंग बैंक पर ग्राहकों को गुमराह करने का आरोप, लोन स्वीकृति के बाद भी भुगतान में देरी का दावा
**पहली किरण न्यूज़ 24X7 | रोहित निषाद की रिपोर्ट**
चोला मंडल हाउसिंग बैंक से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें ग्राहक ने बैंक पर लोन प्रक्रिया को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया है। अंकित शर्मा नाम के ग्राहक के अनुसार उन्होंने बैंक में करीब **25 लाख 50 हजार रुपये के होम लोन** के लिए आवेदन किया था। ग्राहक का दावा है कि उन्हें लोन स्वीकृत होने का संदेश भी प्राप्त हुआ और CIBIL रिपोर्ट में भी संबंधित लोन की संक्षिप्त जानकारी दिखाई दे रही थी।
ग्राहक के मुताबिक, बैंक कर्मी से संपर्क करने पर पहले पिछले तीन तारीख से खाते में राशि डालने की बात कही गई। इसके बाद मामले को **एरिया टेक्निकल मैनेजर की विजिट** से जोड़ दिया गया।
ग्राहक का कहना है कि तकनीकी निरीक्षण के दौरान करीब **100 गज की जमीन और उससे जुड़ा लगभग 8 फीट चौड़ा रास्ता** दिखाया गया। आरोप है कि टेक्निकल मैनेजर ने मौके पर रास्ता नहीं होने तथा वहां स्थित मंदिर को सार्वजनिक बताया। वहीं ग्राहक का दावा है कि रास्ता और मंदिर निजी हैं, जिसकी पुष्टि आसपास के लोगों और ग्राम प्रधान से की जा सकती है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि जमीन, रास्ते या मंदिर को लेकर कोई तकनीकी आपत्ति थी, तो ग्राहक को लोन प्रक्रिया के शुरुआती चरण में इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई? ग्राहक का यह भी आरोप है कि **स्टाम्प ड्यूटी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर करीब 30 हजार रुपये** लिए गए, जबकि लोन की राशि अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई।
ग्राहक का कहना है कि लोन स्वीकृति का संदेश मिलने और CIBIL रिपोर्ट में जानकारी दर्ज होने के बावजूद उसे लगातार एक प्रक्रिया से दूसरी प्रक्रिया के लिए भेजा जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि बैंक की लोन स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता कितनी है और ग्राहक से ली गई फीस का क्या होगा?
हालांकि, इन आरोपों पर बैंक का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। **पहली किरण न्यूज़ 24X7** संबंधित बैंक प्रबंधन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
**रोहित निषाद की रिपोर्ट**
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