“10 दिन का संघर्ष… अब जनआंदोलन!”
देहरादून।
व्यावसायिक प्रशिक्षकों का धरना आज अपने 10वें दिन में पहुंच चुका है। यह सिर्फ धरना नहीं, बल्कि हक, सम्मान और भविष्य की लड़ाई बन चुका है। बीते दस दिनों में प्रशिक्षकों ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हर कठिनाई छोटी पड़ जाती है।
सरकार की अनदेखी के बावजूद प्रशिक्षकों का हौसला टूटने के बजाय और ऊंचा हुआ है। हर दिन के साथ यह आंदोलन एक नई ऊर्जा, नई दिशा और नए जोश के साथ आगे बढ़ रहा है।
अब समय आ गया है जब यह आवाज सड़कों पर गूंजेगी…
कल सभी व्यावसायिक प्रशिक्षक एक विशाल एक दिवसीय रैली निकालेंगे
गांधी पार्क से सचिवालय तक
यह रैली सिर्फ एक यात्रा नहीं होगी,
यह एक संदेश होगा —
अनदेखी के खिलाफ, अन्याय के खिलाफ, और अपने अधिकारों के लिए।
यह कदम नहीं, चेतावनी होगी…
यह भीड़ नहीं, क्रांति की शुरुआत होगी…
प्रशिक्षकों का एक ही संकल्प —
“हक लेकर रहेंगे, चाहे कुछ भी हो जाए!”
सभी नए और पुराने साथियों से अपील है कि भारी संख्या में पहुंचकर इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएं और अपनी एकता की ताकत दिखाएं।
“एक आवाज, एक मंच, एक लक्ष्य —
व्यावसायिक प्रशिक्षकों का अधिकार!”
संपादक -रोहित निषाद







