व्यावसायिक प्रशिक्षकों का धरना (6वां दिन)
दिनांक: 29/04/2026
स्थान: देहरादून
संपादक -रोहित निषाद
व्यावसायिक प्रशिक्षकों का अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त होने के पश्चात अब तक उन्हें पुनः विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा संचालित करने की अनुमति प्रदान नहीं की गई है। इस बीच विभाग द्वारा जारी पत्र में यह निर्देश दिया गया है कि विद्यालय के नियमित शिक्षक ही व्यावसायिक शिक्षा का संचालन करेंगे।
आज धरना का 6वां दिन था। इस अवसर पर विधायक विक्रम सिंह नेगी (प्रतापनगर) देहरादून में धरना स्थल पर पहुंचे, जहां व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने अपनी समस्याओं एवं परेशानियों को विस्तार से उनके समक्ष रखा और शीघ्र समाधान की मांग की।

यह निर्णय न केवल व्यावसायिक प्रशिक्षकों के हितों के विरुद्ध है, बल्कि व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। व्यावसायिक प्रशिक्षक संबंधित ट्रेड में प्रशिक्षित एवं अनुभवी होते हैं, जबकि सामान्य विषयों के शिक्षक उस विशेष कौशल आधारित शिक्षा में पारंगत नहीं होते। ऐसे में यह कैसे संभव है कि बिना विशेषज्ञता के व्यावसायिक शिक्षा को प्रभावी रूप से संचालित किया जा सके?
व्यावसायिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्रों को रोजगारपरक कौशल प्रदान करना है, जिसके लिए प्रशिक्षित और अनुभवी प्रशिक्षकों की आवश्यकता होती है। यदि इस प्रकार के निर्णय लागू किए जाते हैं, तो इससे छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और पूरी व्यवस्था कमजोर हो सकती है।
अतः शासन एवं विभाग से मांग की जाती है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए तथा व्यावसायिक प्रशिक्षकों को शीघ्र ही उनके पदों पर पुनः बहाल कर व्यावसायिक शिक्षा का संचालन पूर्व की भांति सुनिश्चित किया जाए।
— व्यावसायिक प्रशिक्षक संघ





